By: सैयद अबुल आला मौदूदी (रह0)
भाइयों! यहॉ केवल अधिकार ही का प्रश्न नही हैं। यह प्रश्न भी है कि र्इश्वर के इस ऐश्वर्य में क्या कोर्इ मनुष्य बादशाही करने या कानून बनाने या हुक्म चलाने के...
By: प्रोफ़ेसर के.एस. रामाकृष्णा राव
उन लोगों को भी माफ़ कर दिया गया, जिन्होंने आपके चहेते चचा हमज़ा को क़त्ल करके उनके शव को विकृत किया और.....
By: इस्लाम एक स्वयं सिद्ध र्इश्वरीय जीवन व्यवस्था:राजेन्द्र नारायण लाल
मुसलमानों पर आरोप लगाया जाता हैं कि वे बड़े पृथकतावादी हैं। औष्ट्रिक, नीग्रो, मंगोल आदि जितनी जातियॉं भारत आर्इ, हिन्दूओं में घुल-मिलकर एक हो गर्इ...