मुहम्मद सब के लिये

मानवता का आदर्श

पैगम्बर मुहम्मद (सल्ल0) की शिक्षाओ की एक झलक(कुरआन और हदीसों से संकलित)

सम्पूर्ण सृष्टि का सृजनहार एक प्रभु हैं। वह अत्यन्त दयावान और कृपालु है। उसी की भक्ति करो और उसी की आज्ञा मानो।
र्इश्वर ने मानव पर अनगिनत उपकार किए हैं। धरती और आकाश की सारी शक्तियॉ मानव की सेवा मे लगा दी हैं। वही धरती और आकाश का मालिक हैं, वही तुम्हारा प्रभु हैं।
र्इश्वर (वास्तविक स्वामी) को छोड़कर अन्य की पूजा करना सबसे बड़ा जुल्म और अत्याचार है।
र्इश्वर की अवज्ञा करके तुम उसका कुछ बिगाड़ नहीं सकते।...

मानवता उपकारक

औरतों पर उपकार
हर व्यक्ति का सबसे पवित्र रिश्ता मॉं से होता हैं। र्इशदूत हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) के एक कथन के अनुसार पुरूषों पर स्त्रियों को तिगुनी श्रेष्ठता प्राप्त हैं। एक व्यक्ति ने र्इशदूत से पूछा कि मै सबसे अधिक किसके साथ भलार्इ करू?

आपने फरमाया, ‘मॉ के साथ, उसने पूछा, ‘फिर किसके साथ?’ आपने फरमाया, ‘मॉ के साथ।’ उसने पूछा, फिर किसके साथ? आपने फरमाया, ‘मॉं के साथ’ उसने चौथी बार पूछा, ‘उसके बाद? आपने फरमाया, ‘ बाप के साथ।’ (तिरमिज़ी)

हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) के इस कथन से पता चलता है कि...

हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) सबके लिए

हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) सबके लिए‘‘हजरत मुहम्मद (सल्ल0) सबके लिए’’ मात्र एक आकषर्क नारा और मुसलमानों का दावा नही हैं, बल्कि एक वास्तविक, व्यावहारिक व ऐतिहासिक तथ्य है। ‘सबके लिए’ का स्पष्ट अर्थ हैं ‘सार्वभौमिक, सार्वकालिक एवं सर्वमान्य होना’। सार्वभौमिकता के परिप्रेक्ष्य में, हजरत मुहम्मद (सल्ल0) के, भारतवासियों का भी पैगम्बर होने की धारणा तकाजा करती हैं कि आप (सल्ल0) के समकालीन भारत पर एक संक्षिप्त दृष्टि अवश्य डाली जाए, और चूकि आप की पैगम्बरी का ध्येय एवं आप (सल्ल0) के र्इशदूतत्व का लक्ष्य मानव-व्यक्तित्व, मानव-समाज के...