नितान्त गम्भीर व्यक्तित्व: प्रसिद्ध फ्रांसीसी विद्धान डाक्टर गेस्टोव...

‘‘ हजरत मुहम्मद (सल्ल0) नितान्त गम्भीर, अल्पभाषी और दृढ़  संकल्पी थें। आप जितने सचेष्ट थे उतने ही सहनशील और धैर्यवान भी थें। आप अत्यन्त शुद्ध विचारोंवालों थे। यह कहना कि मुहम्मद (सल्ल0) जादूगर थें, मेरे निकट एम मूर्खतापूर्ण बात हैं।’’


सर्वाधिक प्रामाणिक और सच्चा जीवन-चरित्र


    ‘ अपालोजी फार मुहम्मद एण्ड कुरआन’ का रचयिता जॉन डेविन पोर्ट लिखता हैं-

        मुहम्मद (सल्ल0) की सत्यता और शुद्ध हृदयता का प्रबल प्रमाण यह हैं कि सबसे पहले जो लोग उनपर र्इमान लाए (यानी मुसलमान हुए) वे उनके घरवाले और उनके निकट सम्बन्धी हैं, जो उनके घरेलू जीवन से पूर्णतया परिचित थे। अगर उनमें सच्चार्इ और सत्यता न होती, तो वे जरूर आपत्तियों और विरोधों का तूफान खड़ा कर देते। इसमें सन्देह नही कि जगत के समस्त लेखकों और विजेताओं मे ंएक भी ऐसा नही जिसका जीवन-चरित्र उनसे अधिक विस्तृत और सच्चा हों’’

सुख और कल्याण का स्रोत व्यक्तित्व

याक्र्स डाड ने अपनी मुस्तक ‘ मुहम्मद, बुद्ध एण्ड मसीह’ में लिखा हैं-

    ‘‘ हजरत मुहम्मद (सल्ल0) का चरित्र अति उत्तम था। आपके निकट सांसारिक बड़ार्इ कोर्इ चीज़ न थी। आपकी सेवा में हर व्यक्ति स्थान पा सकता था। हम अत्यन्त सत्यता के साथ कहना चाहते हैं कि आपका व्यक्तित्व सुख और कल्याण का स्रोत था। आप अद्वितीय सुशील और नितान्न सुहृदय मनुष्य थें। आपका सहनशील और संयमी जीवन मन को बहुत ही लुभानेवाला हैं और हमारे दिल में आपके महान व्यक्तित्व के लिए विशेष श्रद्धा मौजूद हैं।’’

Author Name: इमामुद्दीन रामनगरी: मधुर सन्देश संगम