By: अबू-मुहम्मद इमामुद्दीन रामनगरी व मुहम्मद जैनुल आबिदी
(किसी के प्रति) अत्याधिक गुमान से बचो क्योकि अनेक पाप होते हैं और एक-दूसरे की...
इन्सानों के अन्दर सच्चाई, शिष्टाचार और लज्जा आदि गुण पैदा करने और उनकी शिक्षा देने के लिए...
कुछ गै़र-मुस्लिम की यह आम शिकायत हैं कि संसार भर में इस्लाम के माननेवालों की संख्या...