By: सैयद अबुल आला मौदूदी (रह0)
भाइयों! यदि कोर्इ व्यक्ति आपसे कहे कि बाजार में एक दुकान ऐसी हैं, जिसका कोर्इ दुकानदार नही हैं, न कोर्इ उसमें माल लानेवाला हैं न बेचनेवाला और न कोर्इ उसकी...
By: मौलाना सैयद हामिद अली
इस्लाम की परलोक-धारणा र्इश्वर की विविध विशेषताओं एवं गुणों पर आधारित हैं, जिनमें से कुछ ये है:-
र्इश्वर मालिक और संप्रभुतासंपन्न है।
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इस्लाम, जो हजरत मुहम्मद द्वारा पेश किया गया,पिछले तमाम उद्घाटित धर्मो का अविच्छिन्न तत्व और उन सबका उत्कर्ष बिन्दु हैं, इसलिए ...