By: सैयद अबुल आला मौदूदी (रह0)
भाइयों! यदि कोर्इ व्यक्ति आपसे कहे कि बाजार में एक दुकान ऐसी हैं, जिसका कोर्इ दुकानदार नही हैं, न कोर्इ उसमें माल लानेवाला हैं न बेचनेवाला और न कोर्इ उसकी...
By: सैयद अबुल आला मौदूदी (रहo)
अल्लाह के रसूल (सल्ल0) ने अपने आखिरी हज के मौक़े पर जो तक़रीर की थी, उसमें फ़रमाया...
By: मुहम्मद जैनुल-आबिदीन मंसूरी
इस्लाम की विशिष्टता इस संबंध मे यह हैं कि वह अन्य समाजों के विपरीत, मांसाहार के विषय मे एक निश्चित आचार संहिता (Code of conduct) अपने अनुयायियों को प्रदान करता हैं...