By: अबू-मुहम्मद इमामुद्दीन रामनगरी व मुहम्मद जैनुल आबिदी
(किसी के प्रति) अत्याधिक गुमान से बचो क्योकि अनेक पाप होते हैं और एक-दूसरे की...
By: सैयद अबुल आला मौदूदी (रहo)
संसार में मानव-जीवन को सफ़ल बनाने के लिए केवल यही एक आवश्यकता तो नहीं है कि.....