By: श्रीमति एनी बेसेन्ट
‘‘आप जरा हमारे पैग़म्बर का ख्याल कीजिए और उस स्थिति की कल्पना कीजिए जब केवल उनकी पत्नी ही उन पर.....
By: मुहम्मद जैनुलआबिदीन मंसूरी
र्इसा मसीह (अलै0) र्इश्वरीय दूत थे.........र्इश्वरीय दूत के सिवा और कुछ न थे। न तो उनमें दैवी गुण थे, न ही उनकी माता मरयम मे। वे दोनो र्इश्वर के दूसरे प्राणियों...
By: इस्लाम में मानव अधिकार: सैयद अबुल आला मौदूदी (रह0)
अब आप देखिए कि जो लोग मानव-अधिकारों का नाम लेते हैं, उन्होने अगर अपने संविधानों में या ऐलानो ंमें कहीं मानव-अधिकारों का जिक्र किया हैं तो हकीकत में इस में...