By: डा0 मकसूद आलम सिद्दीक
प्रलय
जिस प्रकार इस लोक मे प्रत्येक वस्तु का एक अंत हैं, उसी प्रकार इस वर्तमान जगत् का भी एक अंत हैं। इस संसार के इस अंत और इस महा विनाश को प्रलय कहा...
By: इस्लाम एक परिचय:अबू मुहम्मद इमामुद्दीन रामनगरी
जिस प्रकार संसार मे बहुत-सी जातियॉ और बहुत से धर्म हैं उसी प्रकार मुसलमानों को भी एक जाति समझ लिया गया हैं और इस्लाम को केवल उन्ही का धर्म। लेकिन यह एक...
By: स्वामी लक्ष्मीशंकराचार्य
जब मुझे सत्य का ज्ञान हुआ: कर्इ साल पहले दैनिक जागरण मे श्री बलराज मधोक का लेख ‘दंगे क्यों होते हैं?’’ पढ़ा था। इस लेख में हिन्दू-मुस्लिम दंगा होने का कारण...