इस्लाम का अध्यन क्यों करे

इस्लाम का अध्यन क्यों करे

आधुनिक सभ्यता को केवल इस्लाम धर्म ही भाएगा या स्वीकार्य होगा। मुझे और अधिक आधुनिक सभ्यता को और विशेश मेरी पीढ़ी को केवल इस्लाम धर्म ही स्वीकार्य होगा। मैं अब पूरी तरह से आश्वस्त हूँ कि अब आखि़रकार मैंने सत्य को पा ही लिया । अब मेरा एक धर्म हैं जिसे मैं वास्तविक अर्थ में समझ सकता हूँ और उस पर चल सकता हूँ ।


मैं यह महसूस करता हूँ कि जिन्द़गी का अब मैं नये उत्साह के साथ मुकाबला कर सकता हूँ । मेरा एक इरादा यह भी हैं कि उन लोगों के सामने इस्लाम की रौशनी ले जाऊ जो अपने धर्म से संतुष्ट जैसे मैं ईसाइयत से असंतुष्ट था और इस्लाम स्वीकार करने के बाद संतुष्ट हूँ और सूकून से हूँ । यह सूकून हमारे महान व गौरवमायी विस्वास (इस्लाम)का मूलमंत्र हैं।

कान्ति’104’ इस्लाम के सुखद अनुभव ’ 30 मई-5 जून 2004

Author Name: आधुनिक सभ्यता और इस्लाम