अरबी भाषा में 'इलाह' का अर्थ है इबादत के योग्य, अर्थात् वह सत्ता जो अपनी महिमा, तेज और उच्चता की दृष्टि से इस योग्य हो कि उसकी पूजा की जाए और.....
By: इमामुद्दीन रामनगरी: मधुर सन्देश संगम
‘‘ हज़रत मुहम्मद (सल्ल0) का व्यक्ति दया और शौर्य दोनो का सम्मिश्रण हैं। वे वर्षो तक अकेले अपने देशवासियों की शत्रुता का सामना करते रहे। मुहम्मद (सल्ल0)...
By: अब्दुल्लाह अडीयार
धार्मिक गुरूओं पर आम लोग आसानी से विश्वास नहीं करते। बहुत सारे गुरू...