कुरआन पर अनुचित आक्षेप

कुरआन और धार्मिक स्वतंत्रता

इसमें कोर्इ सन्देह नही कि कुरआन चाहता हैं कि एक र्इश्वर के सिवा किसी अन्य पूज्य-प्रभु न किया जाए। उसे ही स्त्र“टा, पालनहार, स्वामी परमप्रीतम, सर्वशक्तिमान, अन्तर्यामी, आजीविकादाता, आवश्यकताएं पूरी करने, वाला चिंतानाशक, सुखदाता, मृत्यु और जीवन का स्वामी और वास्तविक शासक, निर्बाध आज्ञा मानने योग्य और प्रलय के दिन इन्सानों का हिसाब-किताब लेनेवाला स्वीकार किया जाए। उसे निराकार माना जाए और उसका बुत न बताया जाए। लेकिन कुरआन अपनी इस सही और उचित बात को भी बलपूर्वक और जोर-जबरदस्ती से नही मनवाता बल्कि...
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कुरआन और गैर-मुस्लिम

कुछ संस्थाओं और लोगो ने यह झूठा प्रचार किया हैं और निरन्तर किए जा रहे हैं कि कुरआन गैर-मुस्लिम को सहन नही करता। उन्हे मार डालने और जड़-मूल से खत्म कर देने की शिक्षा देता हैं।

कुरआन मजीद की शिक्षाएं समाज देश तथा आम इन्सानो, विशेषकर गैर-मुस्लिम के सम्बन्ध में क्या है, संक्षेप में यहां प्रस्तुत की जा रही हैं। इससे यह अंदाजा हो सकेगा कि कुरआन की शिक्षाए मानव समाज के लिए कितनी अधिक कल्याणकारी हैं और आपत्तिकर्ताओं का दुष्प्रचार कितना अन्यापूर्ण दुर्भाग्यपूर्ण और भ्रामक है।

कुरआन मजीद मे...
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